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संदेश

पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

एमओएचयूए ने स्मार्ट सिटी एसपीवी के पुन: उपयोग के लिए परामर्श जारी किया

  शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका के साथ स्मार्ट सिटी एसपीवी की मजबूत भूमिका का समर्थन , 100 शहरों में स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से विकसित संस्थागत ढांचे और क्षमताओं के आधार पर , मंत्रालय ने शहरों के परिवर्तन में एसपीवी के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार किया   वर्ष 2015 में शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन (एससीएम) से शहर-स्तरीय नवाचार और एकीकृत बुनियादी ढाँचा वितरण को बढ़ावा देकर शहरी विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया। मिशन की एक विशिष्ट विशेषता कंपनी कानून , 2013 के तहत सभी 100 चयनित शहरों में विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) की स्थापना थी , जिसमें राज्य/केन्‍द्र शासित प्रदेश सरकारों/प्रशासन और संबंधित शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के बीच प्रमोटर के रूप में 50:50 इक्विटी शेयर होल्डिंग थी। इन एसपीवी को केन्‍द्रित योजना , परियोजना विकास और जमीनी स्तर पर निष्पादन के माध्यम से मिशन को लागू करने का अधिकार दिया गया था।   माननीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें राज्य शहरी सचिवों और 100 स्मार्ट शहरों के सीईओ ने भाग लिया पिछले दश...
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सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वच्छता सेवाओं में सुधार के लिए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय का नया मॉडल अनुबंध ढांचा

  देश में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा , सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए , आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) के तत्वावधान में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) ने निजी स्वच्छता सेवा ऑपरेटरों (पीएसएसओ) को नियुक्त करने में शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को दिशा-निर्देश देने के लिए मॉडल पैनल और अनुबंध दस्तावेज जारी किए हैं। पेशेवर और जवाबदेही युक्त स्वच्छता सेवाएं , स्थानीय उद्यमियों और समुदाय-आधारित सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना भारत में अनुमानित 42 करोड़ शहरी आबादी में से लगभग 50 प्रतिशत ( 4.5 करोड़ परिवार) सेप्टिक टैंक का उपयोग करते हैं। यह निर्दिष्ट प्रशोधन स्थानों पर मल कीचड़ को सुरक्षित रूप से हटाने और निपटाने के लिए नियमित रूप से मल निकासी सेवाओं की महत्वपूर्ण आवश्यकता को दर्शाता है। लगभग 35 प्रतिशत आबादी सीवर नेटवर्क से जुड़ी हुई है , जिसके लिए प्रशोधन संयंत्रों में बेहतर अपशिष्ट जल प्रवाह के लिए नियमित रखरखाव की आवश्यकता होती है। सीवर सिस्टम और सेप्टिक टैंक दोनों की नियमित सफाई की आवश्यकता होती है। इसे ध्यान में रखते ...

भारत ने विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर ‘एक देश, एक मिशन: बंद करें प्लास्टिक प्रदूषण’ थीम के साथ वैश्विक मुहिम का नेतृत्व किया

  प्लास्टिक अपशिष्‍ट को समाप्त करने के लिए नवाचार को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता: केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव दिल्ली में हरित पहलों के परिणाम मिल रहे हैं: दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करने के लिए सामूहिक कार्रवाई और व्यवहार में परिवर्तन की जरूरत : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता   केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘एक देश , एक मिशन: बंद करें प्लास्टिक प्रदूषण’ के नारे के साथ विश्व पर्यावरण दिवस 2025 मनाया। कार्यक्रम में प्रसारित एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भारतीय संस्कृति का अंग है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे की ओर ध्‍यान आकृष्‍ट होने से बहुत पहले ही भारत ने इससे निपटने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव , दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्...

सीएक्यूएम ने एनसीआर में एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स संस्थाओं के लिए स्वच्छ गतिशीलता को अनिवार्य बनाया

  पूरे एनसीआर में वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। यह पूरे वर्ष लगातार और सर्दियों के मौसम में और भी अधिक प्रतिकूल है। इसलिए दिल्ली-एनसीआर में कुशल और स्वच्छ गतिशीलता की ओर तेजी से बदलाव जरूरी है।वहन क्षेत्र में वाणिज्यिक वाहनों से अत्यधिक चलने/माइलेज के कारण उत्सर्जन काफी अधिक होता है और यह कई बार ओवरलोडिंग और खराब रखरखाव के कारण भी होता है।   दिल्ली में पंजीकृत वाणिज्यिक वाहनों में ई-गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग , जीएनसीटीडी ने दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) में ई-कॉमर्स संस्थाओं के माध्यम से परिवहन सेवाएं , माल और वस्तुओं की डिलीवरी सेवा प्रदान करने वाले एग्रीगेटर्स के लाइसेंसिंग और विनियमन के लिए दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना 2023 को अधिसूचित किया है। अन्य एनसीआर राज्यों हरियाणा , उत्तर प्रदेश और राजस्थान को भी पूरे एनसीआर में मोटर वाहन एग्रीगेटर्स , डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं को शामिल करते हुए व्यापक नीतियां बनाने की जरूरत है। इसमें गुरुग्राम , फरीदाबाद , सोनीपत , नोएडा ,...

(सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता खराब करने में योगदान देने वाले खुले में धान की पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है

    सीएक्यूएम ने हरियाणा और पंजाब के एनसीआर क्षेत्र से बाहर के जिलों में स्थित सभी ईंट भट्टों में धान की पराली से बने गोलों और ईंटों का भी जलावन के रूप में उपयोग के वैधानिक निर्देश जारी किए हैं सीएक्यूएम के वैधानिक निर्देशों के अनुसार , हरियाणा और पंजाब ने 01.11.2028 से धान की पराली से बने गोलों / ईंटों के कम से कम 50 प्रतिशत उपयोग का लक्ष्य रखा है वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता खराब करने में योगदान देने वाले खुले में धान की पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में सांविधिक निर्देश संख्या 92 के माध्यम से हरियाणा और पंजाब की राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे एनसीआर से बाहर के जिलों में स्थित सभी ईंट भट्टों में धान की पराली से बने गोलों (पेलेट्स) / ईंटों (ब्रिकेट्स) का उपयोग अनिवार्य करें। ऐसा करना खुले में धान की पराली जलाने की प्रथा को खत्म करने के उपायों में से एक है। आयोग का लक्ष्य फसल अवशेषों को खुले में जलाने की प्रथा को पूरी तरह से ...

भोपाल में गीले कचरे से बना रहा हरित ईंधन थर्मोकोल अपशिष्ट से हो रहे हैं नए निर्माण पर्यावरण सुरक्षा और रोजगार का संगम

भोपाल , जो 41% हरित क्षेत्र के लिए जाना जाता है , स्वच्छ भारत मिशन को साकार करने की दिशा में भोपाल नगर निगम ( BMC) ने दो महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं , जो न केवल शहर की साफ-सफाई को बढ़ावा दे रही हैं बल्कि अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी संसाधनों में भी बदलेंगी। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ( PPP) मॉडल के अंतर्गत किया जा रहा है। BMC ने “स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड” के सहयोग से "ग्रीन वेस्ट टू बायो-ब्रिकेट्स" प्लांट की स्थापना की है। इस संयंत्र में शहर से प्रतिदिन 20 टन हॉर्टिकल्चर वेस्ट यानि सूखी पत्तियां , घास , पेड़ की टहनियां आदि का प्रसंस्करण करके बायो-ब्रिकेट्स  बनाने की तैयारी है , जो कोयले और लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधनों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बनेंगे। इसके अतिरिक्त यह परियोजना न केवल खुले में कचरा जलाने की समस्या को कम करेगी , बल्कि ग्रीन एनर्जी उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। बायो-ब्रिकेट्स का उपयोग बड़े-बड़े उद्योगों , कमर्शियल रसोईघरों और बॉयलर्स में किया जाएगा। एक अन्य अभिनव पहल के तहत , BMC ने थर्मोकोल क्रशिंग एंड रीसाइक्ल...

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने सभी राज्यों से खतरनाक अपशिष्ट की हाथ से सफाई की प्रथा को खत्म करने के लिए डॉ. बलराम सिंह बनाम भारत संघ - 2023 के मामले में जारी सुप्रीम कोर्ट के 14 निर्देशों को तत्काल लागू करने का आग्रह किया

  वास्तविक समय अनुपालन और निवारण सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली बनाने पर जोर , प्रगति को ट्रैक करने , कार्यान्वयन अंतराल की पहचान करने और सभी स्तरों पर उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए नियमित अनुवर्ती और समीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया गया , संबंधित अधिकारियों से आठ सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई खतरनाक अपशिष्ट की हाथ से सफाई की निरंतर प्रथा को देखते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों और प्रशासकों को लिखे पत्र में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2023 के ऐतिहासिक निर्णय (डॉ. बलराम सिंह बनाम भारत संघ , 2023 आईएनएससी 950) में जारी किए गए 14 निर्देशों का तत्काल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने को कहा है , जिसका उद्देश्य हाथ से मैला ढोने और खतरनाक सीवर की सफाई की अमानवीय और जाति-आधारित प्रथा को खत्म करना है। आयोग ने कहा है कि यह प्रथा मानवाधिकारों , विशेष रूप से सम्मान के साथ जीने के अधिकार और कानून के समक्ष समानता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने पाया है कि संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा उपायों के साथ...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये