जेसीएम उन्नत निम्न-कार्बन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देगी और भारत के एनडीसी को समर्थन देगी: श्री भूपेंद्र यादव , भारत और जापान ने पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत मजबूत जलवायु साझेदारी की पुष्टि की बेलेम/ब्राजील केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री , श्री भूपेंद्र यादव ने 11 वीं जॉइंट क्रेडिटिंग मैकेनिज्म (जेसीएम) के साझेदार देशों की बैठक में हिस्सा लिया। यह बैठक 19.11.2025 को जापान के पर्यावरण मंत्रालय ने आयोजित की। बैठक ब्राजील के बेलेम में यूएनएफसीसीसी कॉप 30 के दौरान हुई। बैठक की अध्यक्षता जापान के पर्यावरण मंत्री महामहिम श्री हिरोताका इशिहारा ने की। संयुक्त ऋण व्यवस्था (जेसीएम) मूल रूप से जापान द्वारा शुरू की गई द्विपक्षीय पहल है , जो भारत जैसे साझेदार देशों में निम्न-कार्बन प्रौद्योगिकियों और निवेश के प्रवाह को प्रोत्साहित करती है। इस व्यवस्था के तहत , परियोजनाओं से होने वाले उत्सर्जन में कमी का श्रेय साझेदार देश और जापान दोनों को संयुक्त रूप से दिया जाता है , जिससे उन्हें अपने-अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है। उन्होंने जेसीएम साझेदार देश...
मुख्य बिंदु: · ओडीएफ प्लस गांवों की संख्या 467% वृद्धि के साथ 5,67,708 तक पहुंच गई। · नवंबर 2025 तक 4692 शहरों को ओडीएफ का दर्जा प्राप्त है । · 2019 में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया गया । अवलोकन सुरक्षित शौचालयों और उचित स्वच्छता तक पहुँच जन स्वास्थ्य , सम्मान और पर्यावरण की स्थिरता के लिए आवश्यक है । बेहतर स्वच्छता जलजनित रोगों को कम करती है , उत्पादकता बढ़ाती है और पर्यावरण की रक्षा करती है। यह महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा , गोपनीयता और बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त भी बनाती है। जलवायु परिवर्तन , तेज़ी से बढ़ते शहरी विस्तार और निरंतर असमानता के आज के युग में , सुरक्षित स्वच्छता मानव सम्मान , सामुदायिक कल्याण और सतत प्रगति का आधार बनी हुई है। भारत के स्वच्छ भारत मिशन को अक्सर संयुक्त राष्ट्र निकाय जैसे यूनिसेफ द्वारा विश्व स्तर पर सबसे बड़े स्वच्छता अभियानों में से एक के रूप में रेखांकित किया जाता है , जो...