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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सीवर चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैसों के कारण एक मजदूर की मौत और दो अन्य के घायल होने की घटना का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है

मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और उज्जैन अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई हैरिपोर्ट में जांच की स्थिति के साथ-साथ मृतक श्रमिक के परिजनों और घायलों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का विवरण भी शामिल होना चाहिए भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया है कि 7 जुलाई , 2026 को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सीवर चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैसों के कारण एक मजदूर की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। बताया जाता है कि यह घटना उज्जैन में भैरवगढ़ रोड पर पिपली नाका के पास हुई , जब पीड़ित सीवर चैंबर में दाखिल हुए और बेहोश हो गए। आयोग के अनुसार समाचार रिपोर्ट में उल्लिखित तथ्य , यदि सत्य हैं , तो ये मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मामले हैं। अतः आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और उज्जैन के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जांच की स्थिति के साथ-साथ मृतक श्रमिक और घायल के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का विवरण भी शा...
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में आयोग के मानक ढांचे के अनुसार शहरी सड़कों के पुनर्विकास का आकलन करने के लिए 10.07.2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया।

सीएक्यूएम ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में शहरी सड़कों के 17 हिस्सों का निरीक्षण किया आयोग ने सड़कों और आसपास के रास्तों के उचित पक्कीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया , और साथ ही पुनर्विकास कार्यों को समय पर पूरा करने पर भी बल दिया वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में आयोग के मानक ढांचे के अनुसार शहरी सड़कों के पुनर्विकास का आकलन करने के लिए 10.07.2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इसमें लगभग 46.87 किलोमीटर में फैले 17 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 9 में पूर्ण पक्कीकरण पाया गया जबकि 8 सड़क खंडों में अभी भी पूर्ण पक्कीकरण नहीं हुआ था। जिससे पता चलता है कि पुनर्विकास कार्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता   है। आयोग ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) और नोएडा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सड़क खंडों का निरीक्षण करने के लिए चार फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए। निरीक्षण में जीएनआईडीए के अंतर्गत आने वाले 11 और नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले 6 सड़क खंड शामिल...

एनएमसीजी ने गंगा बेसिन के 63 शहरों में शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं का विस्तार किया

  पहले चरण के तहत 13 शहरी नदी प्रबंधन योजनाएं (यूआरएमपी) पूरी हुईं ; उत्तराखंड , उत्तर प्रदेश और बिहार में विस्तार कार्य जारी रहेगा नदी-केंद्रित शहरी नियोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए , राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (एनआईयूए) के सहयोग से 13 शहरों के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजनाएं (यूआरएमपी) पूरी कर ली हैं। इस प्रगति को आगे बढ़ाते हुए , चरण- 1 के तहत 27 शहरों और चरण- 2 के तहत 33 अतिरिक्त शहरों के लिए यूआरएमपी तैयार की जा रही हैं , जिससे गंगा बेसिन के कुल शहरों की संख्या 60 तक पहुंच जाएगी। नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत समर्थित यह पहल , नदी स्वास्थ्य को शहरी नियोजन के साथ एकीकृत करने के विश्व के सबसे बड़े समन्वित प्रयासों में से एक है। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा दिसंबर 2019 में कानपुर में आयोजित राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में व्यक्त किए गए विजन पर आधारित है , जिसमें उन्होंने शहर-केंद्रित विकास से हटकर नदी-केंद्रित विजन अपनाने का आह्वान किया था , जो नदियों को शहरी नियोजन और नागरिक जीवन के के...

आईएनसीओआईएस ने भारत के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष अल नीनो बुलेटिन शुरू की

आईएनसीओआईएस ने अपने पहले अल नीनो बुलेटिन में बढ़ते समुद्री तापमान और समुद्री दबाव को लेकर चेतावनी दीसांसद श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने समुद्री संचालकों के लिए आईएनसीओआईएस की पहली विशेष अल नीनो सलाह जारी की आईएनसीओआईएस ने समुद्री क्षेत्रों पर अल नीनो के संभावित प्रभावों को उजागर करने के लिए विशेष अल नीनो बुलेटिन जारी करना शुरू कर दिया है। पहला विशेष बुलेटिन 22 जून 2026 को आईएनसीओआईएस में आयोजित एक कार्यक्रम में चेवेल्ला संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी गारू द्वारा जारी किया गया था। बुलेटिन इस बात की पुष्टि करता है कि अल नीनो की घटना लगातार बढ़ रही है और इसके सर्दियों के मौसम (नवंबर 2026 से जनवरी 2027) में चरम पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप , हिंद महासागर में समुद्र की सतह का तापमान अप्रैल/मई 2027 तक सामान्य से अधिक रहेगा। उत्तरी हिंद महासागर (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों) में समुद्री परितंत्र के आने वाले महीनों में , विशेष रूप से मार्च-मई 2027 के दौरान , ऊष्मीय दबाव से ग्रस्त होने की संभावना है। इससे प्रवाल भित्तियों का विरंजन बढ़ सकता है ...

नई दिल्ली स्थित आईआईएफटी भवन के नालंदा हॉल में "पर्यावरण संबंधी गैर-टैरिफ उपाय: विश्व व्यापार व्यापार नियम और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर उनके प्रभाव" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला/चिंतन शिविर का उद्घाटन

पर्यावरण संबंधी व्यापार उपायों और मुक्त व्यापार समझौतों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर नई दिल्ली में आरंभ , हितधारकों ने पर्यावरण संबंधी उभरते व्यापार उपायों और भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर उनके प्रभाव पर विचार-विमर्श किया भारत सरकार के वाणिज्य विभाग ने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) के विश्व व्यापार व्यापार अध्ययन केंद्र (सीडब्ल्यूएस) और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अनुसंधान केंद्र (सीआरआईटी) के सहयोग से नई दिल्ली स्थित आईआईएफटी भवन के नालंदा हॉल में "पर्यावरण संबंधी गैर-टैरिफ उपाय: विश्व व्यापार व्यापार नियम और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर उनके प्रभाव" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला/चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। इस कार्यशाला में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी , व्यापार विशेषज्ञ , विश्व व्यापार संगठन के प्रतिनिधि , उद्योग प्रतिनिधि और बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं से जुड़े हितधारक एक साथ मिलकर पर्यावरण संबंधी गैर-टैरिफ उपायों (एनटीएम) द्वारा उत्पन्न उभरती चुनौतियों और भारत की व्यापार और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर उनके प्रभावों पर विचार-विम...

रायपुर: डिजिटल पारदर्शिता से स्वच्छता हुई स्मार्ट, देश में अग्रणी और मध्य भारत का पहला 'UPYOG-FSSM' डैशबोर्ड प्रोटोटाइप अपनाने वाला शहर

SBM-U के अंतर्गत डिजिटल गवर्नेंस से छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिली शहरी स्वच्छता को नई दिशा -  स्वच्छ भारत मिशन की सफलता और इसकी गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने एक और प्रभावी कदम बढ़ा दिया है। यहां रायपुर नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से डिजिटल फीकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम ( Digital Faecal Sludge Management System - FSM) डैशबोर्ड प्रोटोटाइप का शुभारंभ किया गया है। यह अभिनव पहल आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ( MoHUA), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स ( NIUA) और राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन ( NUDM) के UPYOG (Urban Platform for DeliverY of Online Governance) प्लेटफॉर्म पर आधारित है। मध्य भारत का पहला और देश का अग्रणी मॉडल : विशेष बात यह है कि रायपुर नगर निगम अब मध्य भारत का पहला और देश का ऐसा अग्रणी मॉडल अपनाने वाला शहरी स्थानीय निकाय ( ULB) बन गया है , जिसने स्वच्छ भारत मिशन - शहरी ( SBM-U) 2.0 के अंतर्गत इस तरह के आधुनिक डिजिटल ढांचे को अपनाया है। इस सिस्टम को UNICEF और Entit Consultancy Services के...

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने 91वीं बैठक में प्रमुख संरक्षण पहल में प्रगति की समीक्षा की, 100 से अधिक विकास परियोजनाओं पर विचार किया

श्री भूपेंद्र यादव ने कहा- वन्यजीव संरक्षण में पारंपरिक ज्ञान तथा तकनीकी और समाजशास्त्रीय अध्ययनों को शामिल कर , समाधान-आधारित नीतिगत पहल की आवश्यकता,  केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज कोयंबतूर में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड स्थायी समिति की 91 वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड – एनबीडब्ल्यूएल और स्थायी समिति की पिछली बैठकों में जारी महत्वपूर्ण निर्देशों पर हुई प्रगति की समीक्षा हुई और विज्ञान आधारित वन्यजीव संरक्षण , महत्वपूर्ण वन्यजीव पर्यावासों की सुरक्षा , पारिस्थितिक संपर्क सुदृढ़ बनाने और संवहनीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। समिति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सातवीं बैठक में लिए गए निर्णयों में प्रगति की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संरक्षण पहल पर चर्चा हुई। श्री यादव ने जोर देकर कहा कि वन्यजीव संरक्षण भारत के पर्यावरण प्रशासन का केंद्र है और वन्यजीव पर्यावासों और उसके आसपास विकास परियोजनाओं पर निर्णय लेने में वैज्ञानिक योजना , प...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये