भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत , पर्यावरण कार्य समूह और जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर संपर्क समूह के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक 17 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री तन्मय कुमार ने की। इस बैठक में ब्राजील , चीन , मिस्र , इथियोपिया , इंडोनेशिया , ईरान , रूस , दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात ने भाग लिया। अपने मुख्य भाषण में अध्यक्ष ने कहा कि पिछले दो दशकों में ब्रिक्स समूह , आर्थिक संवाद से आगे बढ़कर प्रदूषण , जैव विविधता की क्षति और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए एक प्रभावशाली मंच के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी साझेदारी सतत विकास , जलवायु अनुकूलन , संसाधन दक्षता और चक्रीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरणीय शासन के संदर्भ में भी सुदृढ़ हुई है। अध्यक्ष ने बताया कि ब्रिक्स 2026, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उस दृष्टिकोण से प्रेरित है , जिसके अनुसार वैश्विक सहयोग में मानवता को प्राथमिकता देते हुए जन-केंद्रित दृष्टिकोण बनाए रखना...
मंगोलिया के उलानबातर में आयोजित यूएनसीसीडी कॉप-17 में भारत ने घास के मैदानों और अन्य खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम पर पहली बार एक मार्गदर्शिका का शुभारंभ किया
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने वनों के साथ-साथ खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम के विज्ञान-आधारित संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया , श्री भूपेंद्र यादव ने कहाः- स्वस्थ घास के मैदान जैव विविधता , आजीविका और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलेपन के लिए आवश्यक हैं भारत ने 17 अगस्त 2026 को उलानबातर (मंगोलिया) में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण निवारण सम्मेलन (यूएनसीसीडी) के पक्षकारों के सम्मेलन (कॉप- 17) के 17 वें सत्र में भारत के घास के मैदानों और अन्य खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (ओएनईएस) के लिए अपनी पहली मार्गदर्शिका का शुभारंभ किया। यह दस्तावेज़ भारत के घास के मैदानों , सवाना , मरुस्थलों और अन्य खुले प्राकृतिक इको-सिस्टम की समृद्ध विविधता , पारिस्थितिक महत्व और सामाजिक-आर्थिक महत्व को उजागर करता है। यह इनके संरक्षण , पुनर्स्थापन और सतत प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस शुभारंभ से पहले भारत सरकार के पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का एक विशेष वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। उन्होंने बताया कि घास के मैदानों , झाड़ियों और खाइयों को लंबे समय से वृक्षो...