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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत के नेट जीरो पोर्टल और एनएपीसीसी डैशबोर्ड का शुभारंभ किया

डिजिटल प्लेटफॉर्म स्वैच्छिक नेट ज़ीरो कार्रवाई को बढ़ावा देंगे और राष्ट्रीय जलवायु मिशनों की निगरानी को सुदृढ़ करेंगे केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज मुंबई में विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत का नेट जीरो (शुद्ध-शून्य उत्सर्जन) पोर्टल और जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। ये दोनों डिजिटल पहलें पारदर्शिता , समन्वय और साक्ष्य-आधारित जलवायु कार्रवाई को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नेट जीरो पोर्टल विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्वैच्छिक नेट जीरो प्रतिबद्धताओं के लिए एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध करता है , जबकि एनएपीसीसी डैशबोर्ड जलवायु परिवर्तन से संबंधित राष्ट्रीय मिशनों के अंतर्गत प्रगति की समेकित निगरानी को सक्षम बनाता है। नेट ज़ीरो पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय संस्थाओं द्वारा नेट ज़ीरो संबंधी प्रतिबद्धताओं के स्वैच्छिक पंजीकरण और प्रकटीकरण के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसमें भाग लेने वाली संस्थाएं अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का विवरण दे सकती हैं , नेट ...
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान-6 में भाग लेगा

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने बुधवार को स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से 2 से 31 अक्टूबर , 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान- 6 की घोषणा की है। इस अवसर पर विभाग ने राष्‍ट्रीय राजधानी में विशेष अभियान के लिए वेब-पोर्टल भी लॉन्च किया। इस अभियान में 15 से 30 सितंबर , 2026 तक तैयारी चरण 2 से 31 अक्टूबर , 2026 तक कार्यान्वयन चरण और 16 से 30 नवंबर , 2026 तक मूल्यांकन चरण शामिल हैं। केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय   विशेष अभियान में भाग लेगा । इसमें मंत्रालयों /विभागों और उनके संबद्ध /अधीनस्थ कार्यालयों/स्वायत्त संगठनों आदि के अलावा सेवा वितरण के लिए जिम्मेदार या जनता के साथ सीधे संपर्क रखने वाले क्षेत्रीय/बाहरी कार्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस वर्ष के विशेष अभियान में ' ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण , पृथक्करण और निपटान ' के उद्देश्य से वैज्ञानिक ई-कचरा प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा । डीएआरपीजी ने विशेष अभियान 6 के दौरान ई-कचरे के निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया...

सीएक्यूएम ने हापुड़, उत्तर प्रदेश में उद्योगों का विशेष निरीक्षण किया; 22 इकाइयों में से 16 नियमों की अवज्ञा कर रही थीं, 12 को कारण बताओ नोटिस जारी

एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 15.09.2026 को उत्तर प्रदेश के हापुड़ में संचालित उद्योगों का एक विशेष निरीक्षण किया , जिसके दौरान 22 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया , जिनमें से 16 लागू मानदंडों और वैधानिक निर्देशों का अनुपालन नहीं कर रही थीं और 12 को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए गए। जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से सीएक्यूएम की 7 फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण में मसूरी-गुलावती रोड , पिलखुवा , रावली/शेखपुर/एमजी रोड , तातारपुर/गढ़ रोड , रेलवे रोड/टेक्सटाइल सेंटर रोड और रावला/शेखर के औद्योगिक क्षेत्र शामिल थे। निरीक्षण की गई 22 इकाइयों में से 6 निर्धारित मानदंडों और वैधानिक निर्देशों का पालन करती पाई गईं , जबकि 16 इकाइयां इनका पालन नहीं कर रही थीं। निरीक्षणों के दौरान अनुपालन न करने के कई उदाहरण देखे गए , जिनमें तीव्र दृश्य धुआँ , अपर्याप्त वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) , ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) का न लगा होना या उसका ठीक से काम न करना , वेट स्क्रबर स...

गांधीनगर में समावेशी और बड़े पैमाने पर लागू होने वाले सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों को तेजी से अपनाने के आह्वान के साथ 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' का समापन; कोलंबिया यूनिवर्सिटी (यूएसए) डब्ल्यूसीईएफ 2027 की मेजबानी करेगी

  सर्कुलर समाधानों के लिए जमीनी स्तर पर सहयोग का ही होता है असली प्रभाव ; प्रतिबद्धता से आगे बढ़कर कदम उठाने की आवश्यकता: श्री प्रवीणभाई माली , राज्य मंत्री (पर्यावरण) , गुजरात डब्ल्यूसीईएफ 2026 का बदलाव की प्रक्रिया में समावेशिता और लोगों की भागीदारी के महत्व पर रह जोर ; साथ ही सर्कुलर समाधानों के लिए व्यावहारिक साझेदारियों , व्यावसायिक सहयोग , नवाचार और निवेश पर भी चर्चा की गई: सुश्री सारी मुलताला , कैबिनेट मंत्री , फिनलैंड गुजरात के गांधीनगर में ' वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' ( डब्ल्यूसीईएफ 2026) आज संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सर्कुलर इकोनॉमी के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। इस फोरम में 60 से ज्यादा देशों के लगभग 2,700 प्रतिनिधि और 260 वक्ता शामिल हुए , जिनमें सरकारें , अंतरराष्ट्रीय संगठन , उद्योग जगत , स्टार्ट-अप , शिक्षा जगत और नागरिक समाज के लोग शामिल थे। समापन सत्र में गुजरात सरकार के वन और पर्यावरण , जलवायु परिवर्तन और परिवहन राज्य मंत्री श्री प्रवीणभाई माली और फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण कैबिनेट मंत्री सुश्री सारी मुलताला शामिल हुईं। इ...

इस्पात मंत्रालय ने ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटारे पर ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष अभियान 6.0 की शुरूआत की

इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर , 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान 6.0 में भाग लेने के लिए तैयार हैं। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता , स्थिरता और बेहतर प्रशासन के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। इसमें ई-कचरे के प्रभावी संग्रह , पृथक्करण और निपटारे पर नए सिरे से जोर दिया गया है। विशेष अभियान 5.0 ( अक्टूबर 2025) के दौरान , मंत्रालय ने अपने कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में व्यापक गतिविधियाँ चलाईं , जिससे लंबित मामलों के निपटारे , अनुपयोगी  फाइलों के निपटान और स्थान के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई। इन प्रयासों ने स्थायी दस्‍तावेज प्रबंधन और बेहतर सेवा वितरण की नींव रखी।अभियान के बाद की अवधि में इस गति को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। पुराने रिकॉर्ड हटा दिए गए , कचरा निपटान प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया गया और शिकायतों का अधिक कुशलता से समाधान किया गया , जो स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को एक सतत प्रक्रिया बनाने के लिए मंत्रालय के संकल्प को दर्शाता है। विशेष अभ...

बेंगलुरु में वनों पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह की 7वीं बैठक आयोजित की गई

वन क्षेत्र में सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 7 वीं बैठक 8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित की गई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अपर महानिदेशक (वन) श्री रमेश कुमार पांडे ने किया , जबकि जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जापान सरकार के कृषि , वानिकी और मत्स्य पालन मंत्रालय के वानिकी एजेंसी के उप महानिदेशक श्री शिमिजु कोटारो ने किया। इस बैठक में सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। वनों के बाहर वृक्ष (टीओएफ) कार्यक्रम के अंतर्गत , दोनों पक्षों ने वनों के बाहर वृक्ष संसाधनों के आकलन , प्रबंधन और आनुवंशिक सुधार पर अपने अनुभव साझा किए। आनुवंशिक संसाधन संरक्षण , वृक्ष प्रजनन , उन्नत रोपण सामग्री और जीव द्रव्य (जीवित आनुवंशिक सामग्री) संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए वन आनुवंशिकी पर चर्चा की गई। वन भंडार के अंतर्गत , दोनों पक्षों ने वन सूची , वन भंडार आकलन और भू-स्थानिक एवं निगरानी प्रौद्योगिकियों पर अपने विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने 2015 में हस्ताक्षरित सहयोग ज्ञापन (एमओसी) के तहत 202...

स्वच्छ हवा के लिए जागरूकता से लेकर सक्रियता तक- स्वच्छ वायु मानव स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्थिरता और आर्थिक कल्याण के लिए मूलभूत जरूरत है।

नीले आकाश की तरफ भारत का सफर  स्वच्छ हवा के लिए जागरूकता से लेकर सक्रियता तक 7 सितंबर को दुनिया भर में मना या  जाने वाला   नीले आकाश के लिए स्वच्छ वायु का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Clean Air for Blue Skies) वायु प्रदूषण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई पर जोर देता है। इस मामले में भारत की ओर से किए जाने वाले बहुआयामी प्रया सो में यहां के 130 शहरों में चलाया जा रहा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) मुख्य रूप से शामिल है। वित्त वर्ष 2025–26 में, देश के 108 शहरों में 2017–18 की तुलना में PM10 के स्तर में कमी दर्ज की गई। इनमें से, 72 शहरों में 20% से अधिक की कमी हासिल हुई, जबकि 26 शहरों में 40% से अधिक की कमी दर्ज की गई।  मजबूत निगरानी, स्वच्छ गतिशीलता, शहर-विशिष्ट कार्रवाई और वैज्ञानिक हस्तक्षेप भारत के स्वच्छ-वायु प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं। स्वच्छ वायु की तर फ : एक वैश्विक और राष्ट्रीय प्रतिबद...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये