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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

भारत के हरित परिवर्तन को गति देने के लिए जीएसटी का विवेकीकरण, अपशिष्ट प्रबंधन, बायो डिग्रेडेबल उत्पाद और हरित परिवहन अधिक किफायती और सुलभ बनेगा

  हाल ही में जीएसटी के विवेकीकरण के माध्यम से स्थिरता और जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया गया है , जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन सेवाओं , जैव-अपघटनीय उत्पादों और हरित परिवहन पर कर दरों को कार्यनीतिक रूप से कम किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किए गए इन सुधारों की रूपरेखा पर्यावरण के अनुकूल विनिर्माण को बढ़ावा देने , अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना को मजबूत करने और सतत परिवहन समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई है। ' विकसित भारत 2047 ' और ' लाइफ़ ' ( पर्यावरण के लिए जीवनशैली) जैसे राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप , ये बदलाव भारत के नेट ज़ीरो 2070 के लक्ष्य का समर्थन करते हैं और पेरिस समझौते के तहत प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हैं। अपशिष्ट प्रबंधन का सुदृढ़ीकरण : सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) सीईटीपी द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करना पर्यावरणीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। ·         लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए लागत बचत : क...
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राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने आक्रामक विदेशी प्रजातियों पर विशेषज्ञ समिति का गठन किया।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के अनुसरण में देश भर में आक्रामक विदेशी प्रजातियों द्वारा उत्पन्न बढ़ते पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह निर्णय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए की गई कार्यवाही (मूल आवेदन संख्या 162/2023) के बाद आया है जिसमें देशी जैव विविधता , प्रमुख पारिस्थितिक तंत्रों , कृषि , खाद्य सुरक्षा और मानव एवं वन्यजीवों के स्वास्थ्य के लिए आक्रामक विदेशी प्रजातियों के गंभीर खतरों के बारे में बताया गया है और एनबीए को एक व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा , पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) द्वारा एक समर्पित विशेषज्ञ निकाय बनाने की सलाह से इस बात को और बल मिला। तदनुसार , एनबीए ने जैविक विविधता अधिनियम , 2002 (2023 में यथा संशोधित) के अंतर्गत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस मुद्दे पर रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक बहु-विषयक समिति का गठन किया है। समिति को राज्यवार प्राप्त जानकारियों के आधार ...

डब्ल्यूआईआई ने इच्छुक लोगों के लिए 10वां वन्यजीव संरक्षण पाठ्यक्रम संचालित किया

2012 से अब तक इस नई पहल के तहत 148 प्रतिभागी प्रशिक्षित , आम लोग वन्यजीव संरक्षण के बारे में अवगत हुए केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन के तहत एक स्वायत्त संस्था , भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) ने 2 से 11 मार्च , 2026 तक आम जनता के लिए दसवां वन्यजीव संरक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया , जिसमें 15 वन्यजीव प्रेमियों ने भाग लिया। 2012 में इस पाठ्यक्रम की शुरुआत से लेकर अब तक विभिन्न व्यावसायिक पृष्ठभूमियों से जुड़े कुल 148 प्रतिभागियों को इस पहल के तहत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह विशेष पाठ्यक्रम , देश में वन्यजीव संरक्षण क्षमता को मजबूत करने के लिए , वन अधिकारियों , क्षेत्र प्रबंधकों , शोधकर्ताओं और पशु चिकित्सकों के लिए डब्ल्यूआईआई द्वारा नियमित रूप से आयोजित किए जाने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला के अतिरिक्त है। यह पाठ्यक्रम वन्यजीव जीव विज्ञान और संरक्षण में कोई औपचारिक प्रशिक्षण या अनुभव न रखने वाले आम लोगों और उत्साही लोगों को वन्यजीव संरक्षण से परिचित कराता है। इस पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने सशस्त्र बलों ...

सीएक्यूएम ईटीएफ ने वायु प्रदूषण प्रवर्तन की समीक्षा की; एनसीआर में सख्त निरीक्षण और अनुपालन पर बल दिया

  राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 127 वीं बैठक 17 मार्च 2026 को आयोजित की गई । इसमें 19 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 की अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में किए गए प्रवर्तन और निरीक्षणों की समीक्षा की गई। बैठक में निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) , औद्योगिक क्षेत्र , सड़क की धूल और डीजल जनरेटर (डीजी) सेट से संबंधित उल्लंघनों सहित प्रमुख क्षेत्रों में आयोग के उड़ान दल द्वारा किए गए निरीक्षणों की व्यापक समीक्षा की गई। रिपोर्टिंग अवधि के दौरान 79 निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इसके अलावा 14 इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव दिया गया है , 27 इकाइयों के डीजी सेटों को सील करने का प्रस्ताव दिया गया है और 20 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए गए हैं। प्रवर्तन कार्य बल ने विचार-विमर्श किया और निम्नलिखित बिंदुओं पर बल दिया: ·         अनुपालन न करने वाली संस्थाओं द्वारा प्रारंभिक निरीक्षण रिपोर्ट जारी होने के 5 दिनों के भ...

सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों में प्रवर्तन कार्रवाइयों की स्थिति की समीक्षा की

  एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की सुरक्षा और प्रवर्तन संबंधी उप-समिति ने आज अपनी 24 वीं बैठक आयोजित की। बैठक में क्षेत्र में वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले संबंधित क्षेत्रों में एनसीआर राज्य सरकारों/जीएनसीटीडी और पंजाब सरकार द्वारा की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक के दौरान क्षेत्र-विशिष्ट प्रवर्तन उपायों और आयोग द्वारा जारी वैधानिक निर्देशों/सलाहों/आदेशों के अनुपालन में संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में की गई प्रगति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। आयोग ने निम्नलिखित से संबंधित कार्रवाइयों की व्यापक समीक्षा की: वाहन क्षेत्र: ·         दिल्ली और एनसीआर के शहरों में यातायात जाम के प्रमुख स्थानों/चौराहों आदि की पहचान करना और संबंधित एजेंसियों द्वारा ऐसे जाम स्थलों को कम करने , यातायात जाम और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए उठाए गए उपायों का विवरण देना। ·       ...

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन में एआई का एकीकरण

तेजी से शहरीकरण बड़े शहरी समूहों के शहरी क्षेत्रों में नई और अद्वितीय चुनौतियों को जन्म दे रहा है , जो कई क्षेत्रों में एक से अधिक जिलों तक फैले हुए हैं। इसलिए , शहरी आपदा जोखिम प्रबंधन के मुद्दे को संबोधित करने और शहरी मुद्दों के प्रति केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए , आपदा प्रबंधन अधिनियम , 2005 में संशोधन के माध्यम से ‘ 41 ए’ का प्रावधान किया गया है , जो राज्य सरकारों को राज्य की राजधानियों और सभी नगर निगम वाले शहरों (एनसीटी दिल्ली और चंडीगढ़ संघ राज्य क्षेत्र को छोड़कर) में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूडीएमए) गठित करने का अधिकार देता है , ताकि शहर-विशिष्ट आपदाओं से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यूडीएमए शहरी-विशिष्ट कमजोरियों जैसे बाढ़ और हीट वेव्स को संबोधित करने वाले शहरी योजना की तैयारी और उसके कार्यान्वयन के समन्वय के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए , यूडीएमए स्थापित करना राज्य सरकारों का दायित्व है।आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम , 2025, राष्ट्रीय आपदा डेटाबेस के निर्माण का आदेश देता है , जिसमें जोखिम मूल्यांकन , नुकसान कम करने की योजनाएं और आपदाओं पर वास्तविक समय का डेटा शामि...

कार्बन उत्सर्जन को कम करना

  कार्बन उत्सर्जन को कम करना   भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) के पास वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है लेकिन इस्पात मंत्रालय (एमओएस) ने बताया है कि निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:- ·         इस्पात मंत्रालय ने कम उत्सर्जन वाले इस्पात को परिभाषित एवं वर्गीकृत करने के लिए मानक प्रदान करने हेतु हरित इस्पात के लिए टैक्सोनॉमी जारी किया है। ·         इस्पात मंत्रालय ने "भारत में इस्पात क्षेत्र को हरित बनाना: रोडमैप एवं कार्य योजना" शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है , जो इस्पात मंत्रालय द्वारा इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए गठित 14 कार्य बलों की सिफारिशों के अनुरूप है। यह रिपोर्ट 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की ओर हरित इस्पात एवं स्थिरता के लिए भविष्य का रोडमैप प्रदान करती है। रिपोर्ट इस्पात मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ·         इस्पात स्क्रैप पुनर्चक्रण नीति 2019 विभिन्न मंत्रालयों के साथ एक समन्वय संरचना प्रदान करती है जिससे विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न लौह स्क्रैप के पुनर्चक...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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