सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

गोबरधन योजना- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2018 में गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन (गोबरधन) योजना शुरू की गई।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2018 में गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन (गोबरधन) योजना शुरू की गई। गोबरधन , एसबीएम-जी के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का एक अनिवार्य घटक है , जिसका उद्देश्य पशुओं के गोबर , कृषि अवशेषों और अन्य बायोमास सहित जैव-अपघटनीय/जैविक कचरे को बायोगैस , संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) और जैविक खाद जैसे मूल्यवान संसाधनों में परिवर्तित करके गांवों में स्वच्छता लाना है जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।   गोबर्धन परियोजनाएं ग्राम पंचायतों को पशुओं के गोबर एवं ठोस कृषि अपशिष्ट को बायोगैस और बायो-स्लरी में परिवर्तित करने के लिए प्रोत्साहित करके जैव-अपघटनीय अपशिष्ट पुनर्प्राप्ति का समर्थन करती हैं। भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय/विभाग इस पहल को लागू करने के लिए एकसाथ मिलकर काम करते हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा गोबरधन पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार , दिनांक 27.01.2026 तक चालू संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) परियोजनाओं एवं सामुदायिक/क्लस्टर आधारित बायोगैस परियोजनाओं का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण क्रमशः अनुलग्नक- 1 औ...
हाल की पोस्ट

जेएसए और जेजेएम के अंतर्गत सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय शासन

  जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में देश के जल की कमी वाले 256 जिलों में समयबद्ध , मिशन-आधारित जल संरक्षण अभियान के रूप में जल शक्ति अभियान (जेएसए) शुरू किया गया। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा “जल शक्ति अभियान: कैच द रेन” (जेएसए: सीटीआर) की शुरूआत वर्ष 2021 में “कैच द रेन- वेयर इट फॉल्स वेन इट फॉल्स” टैगलाइन के साथ किया गया। जेएसए: सीटीआर 2025 को “जल संचय जन भागीदारी: जन जागरूकता की ओर” थीम के साथ शुरू किया गया , जिसमें सामुदायिक भागीदारी और जल संरक्षण जागरूकता पर बल दिया गया। सरकार ने अधिकतम प्रभाव के लिए सक्रिय सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकारों और जिला अधिकारियों के साथ साझेदारी में जेएसए: सीटीआर अभियान को बढ़ावा देने के लिए व्यापक उपाय लागू किए हैं। यह अभियान जल संरक्षण कार्यों की पहचान , क्रियान्वयन और रखरखाव में स्थानीय समुदायों को शामिल करते हुए जन भागीदारी पर बल देता है। जल शक्ति अभियान: कैच द रेन , की गति को और बढ़ाने के लिए , गहन सामुदायिक भागीदारी के साथ "जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी)" पहल सितंबर 2024 में गुजरात के सूरत में शुरू की ...

नदियों का पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण

नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदूषित नदी क्षेत्रों के सुधार कार्य हेतु 35,698 करोड़ रुपये लागत की कुल 218 सीवरेज अवसंरचना परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं के तहत 6,610 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी ) क्षमता के सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित किए जा रहे हैं जिनमें से 3,977 एमएलडी क्षमता वाले 138 एसटीपी पूर्ण कर चालू कर दिए गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रदूषित नदी खंडों (पीआरएस) पर वर्ष 2018 और वर्ष 2025 की रिपोर्टों के अनुसार गंगा नदी के मुख्य प्रवाह की जल गुणवत्ता में सुधार हुआ है। गंगा नदी के मुख्य प्रवाह की जल गुणवत्ता की तुलना ( वर्ष 2018 से 2025) संलग्न है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 ( जनवरी से अगस्त) के दौरान गंगा नदी के जल गुणवत्ता ऑकडों (मीडियन वैल्यू) के आधार पर यह पाया गया है कि   गंगा नदी के सभी स्थानों पर पीएच और घुलीय   ऑक्सीजन (डीओ ) स्नान मानदंडों के लिए निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं। तथापि , उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद से कानपुर में पुराना राजापुर , रायबरेली में डलमऊ और मिर्जापुर अनुप्रवाह से तारीघाट , गाजीपुर के ...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये