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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

नई दिल्ली स्थित आईआईएफटी भवन के नालंदा हॉल में "पर्यावरण संबंधी गैर-टैरिफ उपाय: विश्व व्यापार व्यापार नियम और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर उनके प्रभाव" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला/चिंतन शिविर का उद्घाटन

पर्यावरण संबंधी व्यापार उपायों और मुक्त व्यापार समझौतों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर नई दिल्ली में आरंभ , हितधारकों ने पर्यावरण संबंधी उभरते व्यापार उपायों और भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर उनके प्रभाव पर विचार-विमर्श किया भारत सरकार के वाणिज्य विभाग ने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) के विश्व व्यापार व्यापार अध्ययन केंद्र (सीडब्ल्यूएस) और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अनुसंधान केंद्र (सीआरआईटी) के सहयोग से नई दिल्ली स्थित आईआईएफटी भवन के नालंदा हॉल में "पर्यावरण संबंधी गैर-टैरिफ उपाय: विश्व व्यापार व्यापार नियम और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर उनके प्रभाव" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला/चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। इस कार्यशाला में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी , व्यापार विशेषज्ञ , विश्व व्यापार संगठन के प्रतिनिधि , उद्योग प्रतिनिधि और बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं से जुड़े हितधारक एक साथ मिलकर पर्यावरण संबंधी गैर-टैरिफ उपायों (एनटीएम) द्वारा उत्पन्न उभरती चुनौतियों और भारत की व्यापार और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर उनके प्रभावों पर विचार-विम...
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रायपुर: डिजिटल पारदर्शिता से स्वच्छता हुई स्मार्ट, देश में अग्रणी और मध्य भारत का पहला 'UPYOG-FSSM' डैशबोर्ड प्रोटोटाइप अपनाने वाला शहर

SBM-U के अंतर्गत डिजिटल गवर्नेंस से छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिली शहरी स्वच्छता को नई दिशा -  स्वच्छ भारत मिशन की सफलता और इसकी गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने एक और प्रभावी कदम बढ़ा दिया है। यहां रायपुर नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से डिजिटल फीकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम ( Digital Faecal Sludge Management System - FSM) डैशबोर्ड प्रोटोटाइप का शुभारंभ किया गया है। यह अभिनव पहल आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ( MoHUA), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स ( NIUA) और राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन ( NUDM) के UPYOG (Urban Platform for DeliverY of Online Governance) प्लेटफॉर्म पर आधारित है। मध्य भारत का पहला और देश का अग्रणी मॉडल : विशेष बात यह है कि रायपुर नगर निगम अब मध्य भारत का पहला और देश का ऐसा अग्रणी मॉडल अपनाने वाला शहरी स्थानीय निकाय ( ULB) बन गया है , जिसने स्वच्छ भारत मिशन - शहरी ( SBM-U) 2.0 के अंतर्गत इस तरह के आधुनिक डिजिटल ढांचे को अपनाया है। इस सिस्टम को UNICEF और Entit Consultancy Services के...

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने 91वीं बैठक में प्रमुख संरक्षण पहल में प्रगति की समीक्षा की, 100 से अधिक विकास परियोजनाओं पर विचार किया

श्री भूपेंद्र यादव ने कहा- वन्यजीव संरक्षण में पारंपरिक ज्ञान तथा तकनीकी और समाजशास्त्रीय अध्ययनों को शामिल कर , समाधान-आधारित नीतिगत पहल की आवश्यकता,  केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज कोयंबतूर में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड स्थायी समिति की 91 वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड – एनबीडब्ल्यूएल और स्थायी समिति की पिछली बैठकों में जारी महत्वपूर्ण निर्देशों पर हुई प्रगति की समीक्षा हुई और विज्ञान आधारित वन्यजीव संरक्षण , महत्वपूर्ण वन्यजीव पर्यावासों की सुरक्षा , पारिस्थितिक संपर्क सुदृढ़ बनाने और संवहनीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। समिति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सातवीं बैठक में लिए गए निर्णयों में प्रगति की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संरक्षण पहल पर चर्चा हुई। श्री यादव ने जोर देकर कहा कि वन्यजीव संरक्षण भारत के पर्यावरण प्रशासन का केंद्र है और वन्यजीव पर्यावासों और उसके आसपास विकास परियोजनाओं पर निर्णय लेने में वैज्ञानिक योजना , प...

मिजोरम के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय को जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत भारत के 21वें निर्दिष्‍ट भंडार के रूप में अधिसूचित किया गया, इस पदनाम से भारत-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट में जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक प्रलेखन को मजबूती मिलेगी

पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मिजोरम विश्वविद्यालय , आइजोल स्थित प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय (एनएचएम) को जैव विविधता अधिनियम , 2002 की धारा 39 के अंतर्गत निर्दिष्‍ट भंडार के रूप में अधिसूचित किया है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की सिफारिश और प्रस्ताव की जांच के बाद केंद्र सरकार ने 19 जून 2026 को यह अधिसूचना जारी की। इस मान्यता के साथ एनएचएम भारत का 21 वां निर्दिष्‍ट भंडार बन गया है। यह निर्णय देश की जैव विविधता के संरक्षण , वैज्ञानिक अनुसंधान और जैविक नमूनों के सुरक्षित संग्रह एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निर्दिष्‍ट भंडार , भारत के जैव विविधता शासन तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। ये संस्थान जैव विविधता अधिनियम , 2002 के अंतर्गत प्राप्त प्रामाणिक जैविक नमूनों के सुरक्षित संग्रह , संरक्षण , अभिलेखीकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन का कार्य करते हैं। इनके माध्यम से देश की जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित होता है तथा अनुसंधान , शिक्षा और जैव संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा मिलता है। मिजोरम विश्वविद्यालय , आइजोल स्थित प्राकृतिक इतिहास संग्रह...

जैव विविधता के परिणामस्वरूप भारत के एबीएस संरचना से लाभार्थियों को 145 करोड़ रुपये प्राप्त हुए ,इसका लाभ 23 राज्यों एवं चार केंद्र शासित प्रदेशों में 10,500 से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियों तक पहुंचा

जैव विविधता अधिनियम , 2002 के अंतर्गत भारत के एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (एबीएस ) संरचना ने लाभ-साझाकरण के लिए 266 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटा चुका है और लगभग 145 करोड़ रुपये लाभार्थियों में वितरित किया गया है जो यह दर्शाता है कि देश जैविक संसाधनों एवं उनसे जुड़े ज्ञान के उपयोग से होने वाले लाभों का न्यायसंगत एवं समान वितरण सुनिश्चित कर रहा है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए ) ने 2008 से एबीएस संरचना के माध्यम से 266 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की है , जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्राप्त 21.26 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। औसतन सालाना 14.75 करोड़ रुपये की आमदनी के साथ , संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि उद्योग की बढ़ती भागीदारी एवं अनुपालन को दर्शाती है और यह भारत के अग्रणी एबीएस प्रणाली की सफलता की पुष्टि करती है जो जैविक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त होने वाले लाभों को स्थानीय समुदायों तक पहुंचाती है। जैव विविधता अधिनियम , 2002 के अंतर्गत , जैविक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त होने वाले लाभ स्थानीय समुदायों , जैव विविधता प्रबंधन समितियों , किसानों , पारंपरिक ...

केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन–शहरी की प्रगति की समीक्षा की; परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन तथा स्वच्छता बढ़ाने के निर्देश जारी किए

केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री , श्री मनोहर लाल ने झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन–शहरी (एसबीएम-यू) की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में झारखंड के शहरी विकास मंत्री , श्री सुदिव्य कुमार के साथ केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) तथा राज्य के शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। समीक्षा के दौरान केन्द्रीय मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अपेक्षाकृत कम व्यय पर चिंता व्यक्त की। इसके बाद मिशन के तहत उपयोग किए गए जल के प्रबंधन , शौचालय एवं मूत्रालयों (एमआरएफ) के निर्माण , कचरे से कम्पोस्ट बनाने जैसी विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी के कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई। विचार-विमर्श के आधार पर प्रत्येक परियोजना के लिए समयबद्ध एवं निगरानी योग्य लक्ष्य निर्धारित किए गए , जिनकी प्रगति की केन्द्रीय मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा सख्ती से निगरानी की जाएगी। केन्द्रीय मंत्री ने हाल ही में शुरू किए गए ‘अर्बन चैलेंज फंड’ की भी जानकारी दी और राज्य सरकार से स्वच्छ भारत मिशन– 2.0 के अंतर्गत अपने प्रस्ताव शीघ्र प्...

स्वच्छता के क्षेत्र में अनूठे प्रयासों से स्वच्छ पर्यावरण के साथ मिल रहे आजीविका के साधन

गाज़ियाबाद : गौ-वंश अपशिष्ट से समृद्धि की पहल , SBM-U के अंतर्गत गाजियाबाद से वैश्विक मंच तक पहुंचा ' गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण ' का सफर   शहरी स्वच्छता की परिभाषा अब केवल कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं रह गई है , बल्कि उस कूड़े को एक मूल्यवान संसाधन में परिवर्तित करना भी वास्तविक सफलता को दर्शाता है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ( MoHUA) के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी ( SBM-U) 2.0 के तहत ' कचरा मुक्त शहर ' - (Garbage Free Cities - GFCs) के संकल्प की ओर अग्रसर गाजियाबाद ने एक ऐसी ही मिसाल पेश की है। शहर में सड़कों , डेयरियों और विशेषकर गौशालाओं से निकलने वाले गोबर ( Cow Dung) को पुन: उपयोग में लाया जा रहा है। ऐसा गौ-वंश अपशिष्ट जो पहले अक्सर नालियों के जाम होने और गंदगी का मुख्य कारण बनता था , अब वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जा रहा है और इस पशु अपशिष्ट को ' प्राकृतिक पेंट ' के रूप में परिवर्तित कर एक नया जीवन दिया जा रहा है। स्वच्छता की पहल और कचरा प्रबंधन का नया मॉडल : नगर निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती पशुओं के गोबर का सही निपटान करना था , क्योंकि लैंडफिल स...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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