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संदेश

पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

जलवायु परिवर्तन से निपटने में सक्षम शहर और शहरी ताप लहरें

भारत के संविधान की 12 वीं अनुसूची के अनुसार , शहरी नियोजन राज्य सरकारों और शहरी स्तर पर शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी)/शहरी विकास प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र में आता है। भारत सरकार शहरी नियोजन प्रणाली को मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध हस्तक्षेप , सलाह , दिशानिर्देश , वित्तीय सहायता और तकनीकी सहायता के माध्यम से राज्यों के प्रयासों में सहयोग करती है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर , राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने 2019 में ' हीट वेव की रोकथाम और प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार करने हेतु राष्ट्रीय दिशानिर्देश ' तैयार किए। इन दिशानिर्देशों के अनुसार , शहरों को शहरी हीट आइलैंड प्रभाव में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों की पहचान करने के लिए संवेदनशील आकलन करना चाहिए और अपनी हीट एक्शन प्लान (एचएपी) में उपयुक्त शमन उपायों को शामिल करना चाहिए। 23 राज्यों , 195 जिलों और 64 शहरों द्वारा हीट एक्शन प्लान (एचएपी) तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा , राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने "भारतीय शहरों में लू के दौरान अनौपचारिक श्रमिकों की सुरक्षा" पर एक सलाह जारी की है...
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जल प्रबंधन एवं संरक्षण

अटल भूजल योजना , समुदाय आधारित एक सहभागी भूजल प्रबंधन योजना है , जिसका कार्यान्वयन दिनांक 01.04.2020 से 15.10.2025 की अवधि के दौरान सात राज्यों , अर्थात् गुजरात , हरियाणा , कर्नाटक , मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र , राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 80 जिलों के 229 ब्लॉकों के जल की अत्यधिक कमी वाले 8,203 ग्राम पंचायतों में एक पायलट योजना के रूप में किया गया था। इस योजना के अंतर्गत शामिल ग्राम पंचायतों की राज्य-वार संख्या जल संसाधन , नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की वेबसाइट के निम्नलिखित वेब-लिंक पर उपलब्ध है:  https://www.jalshakti-dowr.gov.in/static/uploads/2026/07/415c128c8892e9a870e6398d9195742a.pdf अटल भूजल योजना के प्रायोगिक चरण का मुख्य उद्देश्य मांग पक्ष प्रबंधन पर केंद्रित विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से सामुदायिक   नेतृत्व में उचित निवेश/प्रबंधन कार्यों का कार्यान्वयन कर चयनित राज्यों के जल की कमी वाले   क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार करना था। इस योजना का उद्देश्य संस्थागत और शासन संबंधी ढांचे को मजबूत करते हुए...

ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम पर्यावरण के अनुकूल कार्यों को प्रोत्साहित करने और मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) आंदोलन के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव तंत्र है।

  संसद प्रश्न: ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम पर्यावरण के अनुकूल कार्यों को प्रोत्साहित करने और मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) आंदोलन के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव तंत्र है। इस आंदोलन का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल कार्यों का समर्थन करने वाले व्यवहारिक परिवर्तनों की ओर समुदाय को प्रेरित करके स्थायी जीवनशैली को बढ़ावा देना है। ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम का लक्ष्य पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों को अपनाकर हरित आवरण बढ़ाना , कार्बन पृथक्करण को बढ़ाना , खराब भूमि का जीर्णोद्धार करना और कार्बन उत्‍सर्जन को कम करना है। केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम , 1986 के अंतर्गत स्वैच्छिक पर्यावरण-अनुकूल कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए 12 अक्टूबर , 2023 को हरित ऋण नियम , 2023 अधिसूचित किए हैं , जिनके परिणामस्वरूप हरित ऋण जारी किए जाते हैं। ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत , वृक्षारोपण और विक्षुब्ध वन भूमि के पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन की प्रक्रिया 22 फरवरी , 2024 को अधिसूचित की गई थी और बाद में 29 अगस्त , 2025 को संशोधित की ...

ग्लाव झील अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर स्थल बनी; भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 101 हुई

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए आर्द्रभूमि संरक्षण , जैव विविधता संरक्षण और सतत आजीविका के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील को भारत का 101 वां रामसर स्थल घोषित करने की घोषणा की। यह राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि उसे अपना पहला रामसर स्थल प्राप्त हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस विकास को जैव विविधता संरक्षण , जल और जलवायु सुरक्षा तथा सतत आजीविका के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। श्री यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के रामसर नेटवर्क के उल्लेखनीय विस्तार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा , “2014 में 26 रामसर स्थलों से आज 101 तक की यह उल्लेखनीय यात्रा पर्यावरण संरक्षण , जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” केंद्रीय मंत्री ने आगे इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक नया रामसर स्थल प्रकृति की रक्षा करने और इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों पर निर्...

एनबीए ने चावल अनुसंधान संस्थानों और चावल उत्पादक राज्यों को 8.22 करोड़ रुपये जारी किए

चावल के लिए सबसे बड़े एकल लाभ-साझाकरण संवितरणों में से एक , एक अंतर्राष्ट्रीय बीज कंपनी से प्राप्त किया गया है , जिसने संकरों को विकसित करने और व्यावसायीकरण करने के लिए भारतीय चावल की किस्मों का उपयोग किया है राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने तीन अनुसंधान संस्थानों और 33 राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों को 8.22 करोड़ रुपये जारी किए हैं , जो चावल के लिए सबसे बड़े एकल पहुंच और लाभ-साझाकरण (एबीएस) वितरणों में से एक है। यह राशि अंतर्राष्ट्रीय बीज कंपनी मेसर्स पायनियर ओवरसीज कॉर्पोरेशन से भारतीय चावल ( ओरिज़ा सैटिवा ) की किस्मों का उपयोग करके संकर किस्मों को विकसित और व्यावसायिक रूप से बेचने के लिए प्राप्त हुई है। यह भुगतान देश के जैविक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त होने वाले लाभों के निष्पक्ष और समान वितरण को सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कुल राशि में से 2.47 करोड़ रुपये उन अनुसंधान संस्थानों को जारी किए गए हैं जिन्होंने चावल की किस्मों का संरक्षण किया और कंपनी के साथ उन्हें साझा किया। हैदराबाद स्थित...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये