एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की सुरक्षा और प्रवर्तन संबंधी उप-समिति ने आज अपनी 24 वीं बैठक आयोजित की। बैठक में क्षेत्र में वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले संबंधित क्षेत्रों में एनसीआर राज्य सरकारों/जीएनसीटीडी और पंजाब सरकार द्वारा की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक के दौरान क्षेत्र-विशिष्ट प्रवर्तन उपायों और आयोग द्वारा जारी वैधानिक निर्देशों/सलाहों/आदेशों के अनुपालन में संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में की गई प्रगति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। आयोग ने निम्नलिखित से संबंधित कार्रवाइयों की व्यापक समीक्षा की: वाहन क्षेत्र: · दिल्ली और एनसीआर के शहरों में यातायात जाम के प्रमुख स्थानों/चौराहों आदि की पहचान करना और संबंधित एजेंसियों द्वारा ऐसे जाम स्थलों को कम करने , यातायात जाम और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए उठाए गए उपायों का विवरण देना। · ...
तेजी से शहरीकरण बड़े शहरी समूहों के शहरी क्षेत्रों में नई और अद्वितीय चुनौतियों को जन्म दे रहा है , जो कई क्षेत्रों में एक से अधिक जिलों तक फैले हुए हैं। इसलिए , शहरी आपदा जोखिम प्रबंधन के मुद्दे को संबोधित करने और शहरी मुद्दों के प्रति केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए , आपदा प्रबंधन अधिनियम , 2005 में संशोधन के माध्यम से ‘ 41 ए’ का प्रावधान किया गया है , जो राज्य सरकारों को राज्य की राजधानियों और सभी नगर निगम वाले शहरों (एनसीटी दिल्ली और चंडीगढ़ संघ राज्य क्षेत्र को छोड़कर) में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूडीएमए) गठित करने का अधिकार देता है , ताकि शहर-विशिष्ट आपदाओं से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यूडीएमए शहरी-विशिष्ट कमजोरियों जैसे बाढ़ और हीट वेव्स को संबोधित करने वाले शहरी योजना की तैयारी और उसके कार्यान्वयन के समन्वय के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए , यूडीएमए स्थापित करना राज्य सरकारों का दायित्व है।आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम , 2025, राष्ट्रीय आपदा डेटाबेस के निर्माण का आदेश देता है , जिसमें जोखिम मूल्यांकन , नुकसान कम करने की योजनाएं और आपदाओं पर वास्तविक समय का डेटा शामि...