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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन में एआई का एकीकरण

तेजी से शहरीकरण बड़े शहरी समूहों के शहरी क्षेत्रों में नई और अद्वितीय चुनौतियों को जन्म दे रहा है , जो कई क्षेत्रों में एक से अधिक जिलों तक फैले हुए हैं। इसलिए , शहरी आपदा जोखिम प्रबंधन के मुद्दे को संबोधित करने और शहरी मुद्दों के प्रति केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए , आपदा प्रबंधन अधिनियम , 2005 में संशोधन के माध्यम से ‘ 41 ए’ का प्रावधान किया गया है , जो राज्य सरकारों को राज्य की राजधानियों और सभी नगर निगम वाले शहरों (एनसीटी दिल्ली और चंडीगढ़ संघ राज्य क्षेत्र को छोड़कर) में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूडीएमए) गठित करने का अधिकार देता है , ताकि शहर-विशिष्ट आपदाओं से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यूडीएमए शहरी-विशिष्ट कमजोरियों जैसे बाढ़ और हीट वेव्स को संबोधित करने वाले शहरी योजना की तैयारी और उसके कार्यान्वयन के समन्वय के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए , यूडीएमए स्थापित करना राज्य सरकारों का दायित्व है।आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम , 2025, राष्ट्रीय आपदा डेटाबेस के निर्माण का आदेश देता है , जिसमें जोखिम मूल्यांकन , नुकसान कम करने की योजनाएं और आपदाओं पर वास्तविक समय का डेटा शामि...
हाल की पोस्ट

कार्बन उत्सर्जन को कम करना

  कार्बन उत्सर्जन को कम करना   भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) के पास वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है लेकिन इस्पात मंत्रालय (एमओएस) ने बताया है कि निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:- ·         इस्पात मंत्रालय ने कम उत्सर्जन वाले इस्पात को परिभाषित एवं वर्गीकृत करने के लिए मानक प्रदान करने हेतु हरित इस्पात के लिए टैक्सोनॉमी जारी किया है। ·         इस्पात मंत्रालय ने "भारत में इस्पात क्षेत्र को हरित बनाना: रोडमैप एवं कार्य योजना" शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है , जो इस्पात मंत्रालय द्वारा इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए गठित 14 कार्य बलों की सिफारिशों के अनुरूप है। यह रिपोर्ट 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की ओर हरित इस्पात एवं स्थिरता के लिए भविष्य का रोडमैप प्रदान करती है। रिपोर्ट इस्पात मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ·         इस्पात स्क्रैप पुनर्चक्रण नीति 2019 विभिन्न मंत्रालयों के साथ एक समन्वय संरचना प्रदान करती है जिससे विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न लौह स्क्रैप के पुनर्चक...

इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग

  इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग में वर्षानुवर्ष   वृद्धि को नीचे दर्शाया गया है: ( लाख में संख्या) वित्तीय वर्ष 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 2023-24 2024-25 पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या 1.74 1.43 4.59 11.83 16.81 19.68   इसके अतिरिक्त , भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने घरेलू विनिर्माण के लिए आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ाने हेतु निम्नलिखित योजनाएं शुरू की हैं     i.             ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई-ऑटो): सरकार ने 15.09.2021 को उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (एएटी) उत्पादों के लिए भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने हेतु 25,938 करोड़ रु के बजट आवंटन के साथ पीएलआई-ऑटो योजना को मंजूरी दी। यह योजना न्यूनतम 50% घरेलू म...

भूजल का अवैध निष्कर्षण के विरुद्ध सुरक्षा उपाय

इस मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नियमित रूप से भूजल स्तर की निगरानी की जाती है। गत पांच वर्षों के दौरान मानसून के बाद की निगरानी के दौरान सीजीडब्ल्यूबी द्वारा पूरे देश में दर्ज किए गए भूजल स्तर के आंकड़ों के अवलोकन से यह पता चलता है कि इस अवधि के दौरान विश्लेषित कुओं में से 85% से 90% में भूजल स्तर 0-10 एमबीजीएल (मीटर जमीन से नीचे) की सीमा में दर्ज किया गया जो भूजल तक आसान पहुंच को दर्शाता है। वर्ष-वार विवरण निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है: https://cgwb.gov.in/cgwbpnm/public/uploads/documents/17725322541859357281file.pdf देश के गतिशील भूजल संसाधनों का आकलन केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) द्वारा राज्य सरकारों के समन्वय से वर्ष 2022 से वार्षिक रूप से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत , देश की विभिन्न आकलन इकाइयों (एयू) (जो सामान्यतः ब्लॉक/तहसील/तालुक/मंडल आदि हैं) को भूजल दोहन के स्तर (एसओई) के आधार पर ' अति-दोहित ', ' गंभीर ', ' अर्ध-गंभीर ' और ' सुरक्षित ' इकाइयों में वर्ग...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये