केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा में बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय और पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के बीच चर्चा वर्तमान शुरुआती चरण में है। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने ग्राम सभाओं और सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों को सुदृढ़ बनाने के लिए कदम उठाए हैं। साथ ही , राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को सामुदायिक वन अधिकारों (सीएफआर) की सुरक्षा और मान्यता सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश जारी किए गए हैं ताकि वन संरक्षण अधिनियम (एफआरए) की पूरी भावना और प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त , ग्राम सभाओं और सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाने हेतु , जिसमें समुदाय-आधारित वन प्रबंधन योजनाओं का निर्माण और कार्यान्वयन शामिल है , राज्य सरकारों को धरतीआबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। *** पीके/केसी/बीयू/वाईबी प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 by PIB Delhi ( रिलीज़ आईडी: 2223759) आगंतुक पटल : 89
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण [एसबीएम (जी)] के अंतर्गत पिछले 11 वर्षों के दौरान राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार को आवंटित केंद्रीय हिस्से की धनराशि का विवरण वर्षवार और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार अनुलग्नक- 1 में दिया गया है। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार , स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत धनराशि संपूर्ण मिशन अवधि के लिए आवंटित की जाती है , न कि वार्षिक आधार पर स्वच्छ भारत मिशन-शहरी और स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित धनराशि का विवरण अनुलग्नक- 2 में दिया गया है।स्वच्छता एक राज्य स्तरीय विषय है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) केंद्र प्रायोजित योजना है जिसे राज्य सरकारें कार्यान्वित करती हैं। चूंकि स्वच्छ भारत मिशन ( ग्रामीण) मांग आधारित योजना है , इसलिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी वार्षिक कार्यान्वयन योजना ( एआईपी) में अनुमानित मांगों , उनके पिछले प्रदर्शन और वित्तीय वर्ष के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए आवंटित बजट के आधार पर समेकित रूप से धनराश...