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एक नई योजना जल ही अमृत - सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में, पानी के पुन:उपयोग के साथ-साथ उसके रीसाइक्लिंग और प्रसंस्करण पर भी ध्यान दे रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि पहले 100 दिनों में ही एक नई योजना जल ही अमृत को मंजूरी दी गई है।

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 इस सरकार के पहले 100 दिनों में एक नई योजना ‘जल ही अमृत’ को मंजूरी दी गई 10 लाख करोड़ के निवेश के साथ पीएमएवाई-यू 2.0 को सरकार ने पहले 100 दिनों में दी मंजूरी,केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की 100 दिनों की उपलब्धियों पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, "सरकार और मंत्रालय ने नई सरकार के पहले 100 दिनों में नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में काम किया है।"

उन्होंने कहा कि घर जैसी मूलभूत ज़रुरत को पूरा करने के लिए पीएम श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी के लिए आवास का नारा दिया और 10 जून 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को घरों के निर्माण के लिए सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार 10 लाख करोड़ के निवेश के साथ पीएमएवाई-यू 2.0, एक करोड़ परिवारों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करेगा, ताकि प्रत्येक नागरिक बेहतर गुणवत्ता वाला जीवन जी सके।  (अनुलग्नक 3)

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परिवहन के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों में परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सरकार के 100 दिनों के भीतर ही 31,000 करोड़ रुपये की तीन मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें बेंगलुरु मेट्रो चरण -3, ठाणे आंतरिक रिंग रोड मेट्रो परियोजनाएं और पुणे मेट्रो रेल परियोजना का दक्षिण की ओर विस्तार शामिल है।  (अनुलग्नक 4)

जल के महत्व पर जोर देते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री. मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में, पानी के पुन:उपयोग के साथ-साथ उसके रीसाइक्लिंग और प्रसंस्करण पर भी ध्यान दे रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि पहले 100 दिनों में ही एक नई योजना जल ही अमृत को मंजूरी दी गई है।

श्री मनोहर लाल ने बताया कि इस पहल के तहत, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उपयोग किए गए जल (सीवेज) उपचार संयंत्रों (यूडब्ल्यूटीपी/एसटीपी) को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए प्रोत्साहित करने की परिकल्पना की गई है ताकि पुनर्नवीनीकरण योग्य अच्छी गुणवत्ता वाला उपचारित पानी उपलब्ध कराया जा सके। यूएलबी और पैरास्टैटल एजेंसियां ​​अपने-अपने राज्यों से एसटीपी को नामांकित करने की प्रक्रिया में हैं।  (अनुलग्नक 1) केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अमृत 2.0 के अंतर्गत, 100 दिनों की उपलब्धि के तहत बिहार, छत्तीसगढ़, दादर और नगर हवेली और दमन और दीव, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 3020 करोड़ रुपये की 68 परियोजनाएं और 3,805 करोड़ रुपये की 41 परियोजनाएं यानि कुल 6,825 करोड़ रुपये लागत वाली परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। कुल मिलाकर 100 दिनों में 9,352 करोड़ रुपए की 263 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास पूरा किया जाएगा।  (अनुलग्नक 2)

स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान को लेकर  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि करीब 7.5 लाख स्वच्छता लक्ष्य इकाइयां (सीटीयू) पोर्टल पर पंजीकृत की गई हैं और करीब 86% सीटीयू पहले ही साफ की जा चुकी हैं।

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एमजी/आरपीएम/केसी/एनएस(रिलीज़ आईडी: 2060518) आगंतुक पटल : 111 प्रविष्टि तिथि: 30 SEP 2024 by PIB Delhi

 

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

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