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मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) जन आंदोलन

 


एलआईएफई (लाइफ) मिशन क्या है ?

मिशन जीवन - पर्यावरण के लिए जीवन शैली

"यह शब्द LiFE है, जिसका अर्थ है 'लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट'। आज, हम सभी को एक साथ आने और लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट को एक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। यह पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली की दिशा में एक जन आंदोलन बन सकता है।"

- COP26 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

मिशन LiFE, LiFE के विजन को मापने योग्य प्रभाव में बदलना चाहता है।

इसे 2022-28 की अवधि में पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक कार्रवाई करने के लिए कम से कम एक अरब भारतीयों और अन्य वैश्विक नागरिकों को जुटाने के उद्देश्य से बनाया गया है। भारत के भीतर, सभी गांवों और शहरी स्थानीय निकायों के कम से कम 80 प्रतिशत को 2028 तक पर्यावरण के अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

 पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय मिशन लाइफ के राष्ट्रीय स्तर के समन्वय और कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय है जो एलआईएफई के बैनर तले अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, संस्थानों और निजी संगठनों को एलआईएफई (लाइफ) मिशन के साथ अपनी गतिविधियों को जोड़ने का कार्य कर रहा है इस कार्यवाही प्रक्रिया से निजी संगठन को जोड़ने की कार्यवाही विषयक आधारभूत जानकारी अग्रलिखित है

अभूतपूर्व जन आंदोलन है

अत्यंत उत्साहित करने वाला विषय है की, पर्यावरण संरक्षण के लिए अभूतपूर्व तौर पर जन आंदोलन की शुरवात करके उसके सतत कार्यवयन के विशाल लोकहिताय उद्देश्य पूर्ति के लिए शासन ने मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) कार्यक्रम की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2022 को केवडिया, गुजरात से की थी चूँकि यह मिशन लाइफ-जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए व्यक्तियों में व्यवहार परिवर्तन पर आधारित है | इसलिए यह मिशन विनाशकारी और नासमझी से प्राकृतिक संसाधानों के दुरुपयोग को रोककर प्राकृतिक संसाधनों के सावधानीपूर्वक उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने का वैश्विक आंदोलन बन गया है ।

मंत्रालय की है अहम भूमिका

उक्त उल्लेखित विषय के तारतम्य में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय मिशन लाइफ के राष्ट्रीय स्तर के समन्वय और कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय है । इस मंत्रालय ने अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, संस्थानों और निजी संगठनों को एलआईएफई (लाइफ) मिशन के साथ, सभी मंत्रालयों कि गतिविधियों को जोड़ने और जागरूकता प्रसारित करने के लिए विभिन्न व्यक्तियों को शामिल किया है तथा पर्यावरण संरक्षण की राष्ट्र व्यापी कार्य योजना को युद्ध स्तर पर कार्यान्वित करने के संबंध में केंद्र शासन ने एलआईएफई के बैनर तले राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिताओं, चित्रकला प्रतियोगिताओं, निबंध लेखन प्रतियोगिताओं जैसी जन जागरूकता लेन वाली गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है ।

जन आन्दोलन 5 जून 2023 तक चलेगा 

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अखिल भारतीय समर्थन और एलआईएफई के बारे में जागरूकता को बढ़ाने के लिए एक महीने तक चलने वाले जन अभियान में सभी की सहभागिता सुनिश्चित करवाने के लिए इस कार्य योजना को प्रारंभ किया है जिसका शासन द्वारा की गई पूर्व घोषणानुसार इसका समापन 5 जून 2023 को विश्व पर्यावरण दिवस पर होगा ।


जन आन्दोलन से कैसे जुड़ें

जन सामान्य तक पर्यावरण नियम कुंजी उक्त जन आंदोलन से जुड़ी सभी आधारभूत और महत्वपूर्ण जानकारी को पहुंचने का कार्य भी कर रही है और जन सामान्य तक यह संदेश पहुंचा रही है कि, मंत्रालय ने एलआईएफई के दो समर्पित पोर्टल विकसित किए हैं ताकि एक संरचित रिपोर्टिंग प्रारूप तैयार किया जा सके, जो एलआईएफई के माध्यम से की जा रही गतिविधियों की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं । मिशन एलआईएफई पोर्टल (missionlife-moefcc.nic.in) ओपन एक्सेस (खुली पहुंच) है और इसका उपयोग 100+ क्रिएटिव, वीडियो और ज्ञान सामग्री डाउनलोड करने के लिए किया जा सकता है जिसे मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है ।

सुविधाये क्या - क्या है ?

मेरी लाइफ पोर्टल (merilife.org) के माध्यम से की जाने वाली ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी पर्यावरण नियम कुंजी सभी संस्थानों को अवगत करवायेगी की मेरी लाइफ पोर्टल को विशेषकर संस्थानों के लिए विकसित किया गया है ताकि वे इवेंट रिपोर्ट अपलोड कर सकें और जन आंदोलन की प्रगति और वर्तमान वस्तुस्थिति के बारे में सभी को पता लग सके ।

विश्व पर्यावरण दिवस 2023 के अवसर पर होगा एक मेगा इवेंट

जैसा की शासन द्वारा पूर्व घोषित किया गया है की पर्यावरण संरक्षण के लिए उक्त उल्लेखित जन आंदोलन का समापन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस 2023 के अवसर पर एक मेगा इवेंट के रूप में होगा । जिसका विषय प्लास्टिक प्रदूषण का समाधान है । उल्लेखनीय है कि,  मिशन एलआईएफई के 7 विषयों में से प्रमुख विषय "एकल-उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग को कम करना" है l

मेगा इवेंट का मुख्य विषय “ एकल उपयोग प्लस्टिक”

पर्यावरण नियम कुंजी ने मिशन एलआईएफई के 7 विषयों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां को जन सामान्य तक पहुंचने की सामाजिक जिम्मेदारी विगत माह से स्व विवेक से प्रारंभ कर दी है और पर्यावरण नियम कुंजी वेबसाईट पर प्रकाशित कर दी है और इसी तारतम्य में पर्यावरण नियम कुंजी अपने गहन अध्ययन और अनुभव के आधार पर यह निवेदन कर रही है कि, आप सभी इस अभियान में अपनी सहभागिता देकर सहयोग करें और माँ वसुंधरा की सेवा करें |

निवेदनकर्ता -  राखी मालुसरे सामाजिक कार्यकर्त्ता 

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

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इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

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पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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